ब्रिटेन में कोरोना के भारतीय वैरिएंट के कारण महामारी की तीसरी लहर का डर

ब्रिटेन में इस बात को लेकर आशंकाएं जताई जा रही हैं कि कथित भारतीय वैरिएंट के कारण वहां महामारी की तीसरी लहर का सामना करना पड़ सकता है.

हैदराबाद: ब्रिटेन में इस बात को लेकर आशंकाएं जताई जा रही हैं कि कथित भारतीय वैरिएंट के कारण वहां महामारी की तीसरी लहर का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि ब्रिटेन में कोरोना संक्रमण के मामले जनवरी के उच्चतम स्तर से अभी काफी कम हैं.

पिछले साल सितंबर की शुरुआत में ब्रिटेन में संक्रमण के जितने मामले रिपोर्ट हुए थे, मौजूदा स्थिति भी कमोबेश वैसी ही है. कोविड-19 के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज़ों की संख्या कम हुई.

उधर, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि भारतीय वैरिएंट का असर अस्पतालों में मरीज़ों के दाखिले की स्थिति से ही पता चल पाएगा लेकिन देश के सभी क्षेत्रों से अस्पतालों में कम लोग एडमिट हो रहे हैं.

अभी तक B.1.617.2 वैरिएंट जिसे भारतीय बताया जा रहा है, ब्रिटेन में इसके संक्रमण के मामले कम हैं, लेकिन इनकी संख्या तेजी से बढ़ रही है. वैज्ञानिकों का मानना है कि ये इस तरह से म्युटेट होता है कि इसके संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है.

लेकिन ये संभावना कितनी बढ़ती है, इस पर वैज्ञानिक अभी स्टडी कर ही रहे हैं. ब्रिटेन में कथित भारतीय वैरिएंट से संक्रमण के मामले अभी तक अलग-अलग जगहों पर मिले हैं.

देश में कोविड प्रोटोकॉल से जुड़ी पाबंदियों में ढील दिए जाने का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि संक्रमण का ट्रेंड कैसा रहता है या क्या वो पूरे देश में फैलता है.

उत्तर पश्चिमी इंग्लैंड में तीन ऐसे कोरोना हॉटस्पॉट हैं जहां कोविड-19 का भारतीय वैरिएंट पहली बार पाया गया था. आंकड़ें बताते हैं कि इस क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के मामले रिकॉर्ड तेजी से बढ़ रहे हैं.


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