काबुल एयरपोर्ट के पास दो सीरीयल ब्लास्ट, अमेरिकी सैनिकों समेत लोगों की मौत; कई देशों ने हमले का जारी किया था अलर्ट

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाहर लगातार दो धमाकों हुए हैं। इसमें 4 अमेरिकी सैनिकों समेत 15 लोगों के मारे जाने की खबर है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने बताया कि, गुरुवार को हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के अब्बे गेट पर पहला ब्लास्ट हुआ। इसके कुछ देर बाद एयरपोर्ट के नजदीक बने बैरन होटल के पास दूसरा धमाका हुआ

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाहर लगातार दो धमाकों हुए हैं। इसमें 4 अमेरिकी सैनिकों समेत 15 लोगों के मारे जाने की खबर है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने बताया कि, गुरुवार को हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के अब्बे गेट पर पहला ब्लास्ट हुआ। इसके कुछ देर बाद एयरपोर्ट के नजदीक बने बैरन होटल के पास दूसरा धमाका हुआ।
बताया जा रहा है कि यहां ब्रिटेन के सैनिक ठहरे हुए थे। तालिबान ने अब तक 15 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। फॉक्स न्यूज के मुताबिक, अमेरिका ने इस हमले के लिए आतंकी संगठन ISIS को जिम्मेदार बताया है। काबुल एयरपोर्ट और उसके आस-पास के इलाकों में धमाके की वजह से अफरा-तफरी का माहौल है।
एक अमेरिकी नागरिक की भी मौत
रूसी मीडिया स्पुतनिक ने 13 लोगों के मारे जाने का दावा किया है। वहीं फॉक्स न्यूज ने बताया कि विस्फोट में 4 अमेरिकी सैनिकों और एक नागरिक के भी मारे जाने की खबर है।  सूत्रों के मुताबिक, एयरपोर्ट के पास बैरन होटल के पास धमाका हुआ है, जबकि दूसरा धमाका एयरपोर्ट के अब्बे गेट के पास हुआ है। यहीं अमेरिकी सैनिक तैनात थे। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने दोनों धमाकों की पुष्टि की है। सुरक्षा के लिए काबुल एयरपोर्ट से सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। सभी विमानों को नाटो की सेना ने सुरक्षा घेरे में ले लिया है।

एयरपोर्ट पर लगातार हो रही है फायरिंग
CNN के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को हमले की जानकारी दे दी गई है। एक अधिकारी ने कहा कि इस घटना में कई अफगानी मारे गए हैं। कई घायल भी हैं। पेंटागन ने भी फिदायीन हमले की पुष्टि की है।

तालिबान ने दी थी अमेरिका को चेतावनी
इससे पहले तालिबान ने अमेरिका को चेताया था कि 31 अगस्त तक वह किसी भी हाल में वह देश छोड़ दे। अमेरिका ने भी तय समय सीमा में देश से सेना हटाने की बात कही थी। हालांकि आज ही व्हाइट हाउस ने 31 के बाद भी जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जाने का ऐलान किया था।

अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन ने आज ही आतंकी हमले की आशंका जताई थी
काबुल एयरपोर्ट पर अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। इस बीच अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन ने आज ही काबुल एयरपोर्ट पर आतंकी हमले का बड़ा खतरा बताते हुए अपने नागरिकों से कहा है कि फिलहाल काबुल एयरपोर्ट पर नहीं जाएं और जो लोग एयरपोर्ट के बाहर मौजूद हैं वहां से तुरंत हट जाएं।

काबुल स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा था कि जो अमेरिकी काबुल एयरपोर्ट के अब्बे गेट, ईस्ट गेट या नॉर्थ गेट पर मौजूद हैं, वे फौरन वहां से हट जाएं और अगले निर्देश का इंतजार करें। वहीं ब्रिटेन ने आशंका जताई थी कि ISIS काबुल एयरपोर्ट पर हमला कर सकता है।
फ्रांस कल से काबुल से एयरलिफ्ट बंद करेगा
अमेरिका, ब्रिटेन और भारत समेत कई देश काबुल से लोगों को निकालने में जुटे हैं। इस बीच फ्रांस ने फैसला लिया है कि वह 31 अगस्त की डेडलाइन से चार दिन पहले ही यानी शुक्रवार से अपनी उड़ानें बंद कर देगा। रूसी न्यूज एजेंसी स्पूतनिक के मुताबिक फ्रांस के प्रधानमंत्री जीन कास्टेक्स ने कहा है कि शुक्रवार रात के बाद काबुल एयरपोर्ट से इवैक्युएशन फ्लाइट ऑपरेट नहीं कर पाएंगे।

दूसरी तरफ अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि अमेरिकी सेना का मिशन पूरा करने की 31 अगस्त की डेडलाइन के बाद भी काबुल एयरपोर्ट को खुला रखा जा सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा है काबुल एयरपोर्ट से ऑपरेशन जारी रखने को लेकर कोशिशें जारी हैं और देखना है कि दूसरे देश इसमें भूमिका निभा पाते हैं या नहीं।