अब तय होगा चिराग का भविष्य

लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार मंत्रिमंडल विस्तार के कयास लगाए जा रहे हैं। इस विस्तार से किसी प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी है तो वह है बिहार

अब तय होगा चिराग का भविष्य

लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान  केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार मंत्रिमंडल विस्तार के कयास लगाए जा रहे हैं। इस विस्तार से किसी प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी है तो वह है बिहार । इसकी तीन वजह है.
वजह नंबर-1
चिराग
वजह नंबर 2
जेडीयू का मंत्रिमंडल में शामिल होना
वजह नंबर-3
सुशील मोदी का केंद्र की राजनीति में पैठ
कितना रोशन होगा चिराग ?
केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार से किसी का भविष्य तय होगा तो वो हैं लोजपा प्रमुख चिराग पासवान । बिहार में एनडीए से अलग चुनाव लड़कर जो पार्टी को नुकसान हुआ है.उससे चिराग को छवि को ज्यादा नुकसान हुआ है. उनके पालिटिकल करियर पर ब्रेक लग गया है. ऐसे में अगर उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में  जगह  मिलती है तब तो उनकी राजनीतिक पारी आगे चल सकती है. अगर ऐसा नहीं होता है तो राजनीतिक पारी भी खत्म मानी जा रही है, हालांकि, ये चर्चा जोरों पर है कि चिराग पासवान को पिता रामविलास पासवान के निधन से खाली हुई सीट पर चिराग को मौका दिया जा सकता है.
जेडीयू का मंत्रिमंडल में शामिल होना
केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे जेडीयू ने मंत्रिमंडल के विस्तार होने पर अपने लिए जगह मांगा है.सूत्रों के मुताबिक जेडीयू दो कैबिनेट और एक राज्यमंत्री के सीट की मांग की है. इससे वो सवर्ण के साथ-साथ लवकुश समीकरण को साधने की जुगत में लगा है.वहीं चर्चा ये भी है कि  जेडीयू को एक से अधिक सीटों का ऑफर मिला है। अगर मंत्रिमंडल विस्तार में जेडीयू को सीट मिलती है पार्टी किसे मंत्री बनायेगी  इसका पत्ता नहीं खोला गया है कि लेकिन माना जा रहा है कि आरसीपी सिंह के साथ-साथ ललन सिंह और संतोष कुशवाहा को मंत्री बनाया जा सकता है.ताकि सवर्ण और लवकुश समीकरण को साधा जा सके ।

सुशील मोदी का केंद्र की राजनीति में पैठ

मंत्रिमंडल विस्‍तार को लेकर बिहार बीजेपी में भी हलचल है। बीजेपी के किसी एक नए चेहरे को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। इसमें उपमुख्‍यमंत्री रह चुके सुशील कुमार मोदी  तथा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल  के नाम की चर्चा जोरों पर है। सुशील मोदी को बिहार की राजनीति से हटाकर केंद्र में शिफ्ट किए जाने के वक्‍त से ही चर्चा होती रही है कि उन्‍हें केंद्र में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। डॉ. संजय जायसवाल को बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी के अच्छे प्रदर्शन कर इनाम मिल सकता है। अगर डॉ. संजय जायसवाल केंद्र सरकार में गए तो बिहार बजेपी अध्‍यक्ष का बदलाव भी तय हो जाएगा।