सीएम चेहरे को लेकर फिर फंसी कांग्रेस, अब अंबिका सोनी का नाम भी रेस में

कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद पंजाब का नया CM कौन होगा? इसको लेकर मंथन जारी है। अचानक पंजाब के सिख स्टेट होने की वजह से सिख चेहरे की मांग भी उठ गई है, जिसके बाद कांग्रेस हिंदू व सिख चेहरे के चक्कर में फंस गई है।


कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद पंजाब का नया CM कौन होगा? इसको लेकर मंथन जारी है। शनिवार रात को ही विधायक दल की बैठक में यह फैसला होना था। इसीलिए नया चेहरा चुनने का अधिकार सोनिया गांधी को देकर प्रस्ताव तुरंत ई-मेल से भेजा गया। इसके बाद से ही कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ का CM बनना लगभग तय माना जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो 55 साल बाद जाखड़ पंजाब के पहले हिंदू CM होंगे। हालांकि अचानक पंजाब के सिख स्टेट होने की वजह से सिख चेहरे की मांग भी उठ गई है, जिसके बाद कांग्रेस हिंदू व सिख चेहरे के चक्कर में फंस गई है।
अब आज 11 बजे फिर विधायक दल की बैठक बुलाई गई है, जिसके बाद नए चेहरे का ऐलान किया जाएगा। फिलहाल इस रेस में सिख चेहरे के रूप में नवजोत सिंह सिद्धू, सुखजिंदर रंधावा और हिंदू चेहरे के रूप में सुनील जाखड़ और अब अंबिका सोनी का भी नाम सामने आ रहा है। पंजाब के CM चेहरे के लिए शनिवार रात राहुल गांधी के घर बैठक हुई थी। जिसमें अंबिका सोनी को भी बुलाया गया था। इसी वजह से उनका नाम अब रेस में सबसे आगे चल रहा है।
दो डिप्टी CM के फार्मूले पर भी कांग्रेस का मंथन
सिख व हिंदू चेहरे के चक्कर में फंसी कांग्रेस के भीतर अब एक CM और दो डिप्टी सीएम फार्मूले पर विचार हो रहा है। अगर किसी हिंदू चेहरे को CM बनाया जाता है तो फिर एक जट सिख और एक दलित डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। अगर सिख चेहरे को CM बनाया जाता है तो फिर एक हिंदू और एक दलित नेता को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। इस फार्मूले के जरिए कांग्रेस विरोधियों व खासकर अकाली दल के एक हिंदू और एक दलित को डिप्टी सीएम बनाने के चुनावी वादे का भी तोड़ निकाल सकती है। हालांकि अंतिम मुहर विधायक दल की बैठक में ही लगेगी।
हाईकमान जाखड़ पर था राजी, विधायक सिद्धू पर सहमत हुए
कांग्रेस हाईकमान सुनील जाखड़ को मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में है। इसका संदेश उन्हें भेज दिया गया है। जिसके बाद जाखड़ ने राहुल गांधी के गुण गाते हुए ट्वीट भी किया है। दिल्ली से आए ऑब्जर्वरों को भी यही बात कहकर भेजी गई। हालांकि CLP की बैठक के बाद सिख चेहरे के रूप में सुखजिंदर रंधावा व नवजोत सिद्धू का नाम भी सामने आया। सिद्धू के नाम पर ज्यादातर विधायक सहमत दिखे, जिसके बाद शनिवार देर रात नाम की घोषणा को टाल दिया गया।
हिंदू-सिख का सियासी गणित साधने में जुटी कांग्रेस
सिद्धू को प्रधान बनाने के बाद पंजाब में कांग्रेस का हिंदू-सिख गणित गड़बड़ा गया था। CM व पार्टी प्रधान की कुर्सी पर दोनों जट सिख चेहरे हो गए। जिसे देखते हुए अब मंथन चल रहा है कि वही संतुलन फिर कायम किया जाए। कांग्रेस हाईकमान इसीलिए पंजाब में हिंदू CM बनाना चाहता है, लेकिन विधायक इस पर राजी नहीं हैं।
विरोधियों के हिंदू डिप्टी सीएम दांव का तोड़
कांग्रेस की इस सियासी उठापटक के बीच बड़ा निशाना विपक्षी अकाली दल के हिंदू डिप्टी सीएम के दांव को भी फेल करना है। अगर कांग्रेस हिंदू मुख्यमंत्री बना देती है तो चुनाव में हिंदू वोट बैंक को बटोरने में उसे आसानी रहेगी। यही वोट बैंक चुनाव में कांग्रेस की बड़ी ताकत भी रहता है। खासकर ऐसे वक्त में जब अकाली दल ने BJP से गठजोड़ तोड़ लिया है।