चन्नी सरकार में कैबिनेट बैलेंस पर रहा जोर, पहली बार मंत्री बने 6 विधायक, तो 9 पुराने चेहरों को भी मिली जगह

पंजाब के नए मंत्रियों ने रविवार की शाम को चंडीगढ़ में शपथ ली। इनमें 6 विधायक ऐसे हैं जो पहली बार मंत्री बन रहे हैं. वहीं कैप्टन अमरिंदर की सरकार में शामिल रहे 9 पुराने चेहरों को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है ।

पंजाब के नए मंत्रियों ने रविवार की शाम को चंडीगढ़ में शपथ ली। पहले कैप्टन कैबिनेट में भी शामिल रहे ब्रह्म मोहिंदरा, मनप्रीत बादल, तृप्त राजिंदर बाजवा, अरुणा चौधरी, सुख सरकारिया, राणा गुरजीत, रजिया सुल्ताना, विजयेंद्र सिंगला, भारत भूषण आशु ने मंत्री पद की शपथ ली।
इसके बाद पहली बार मंत्री बन रहे रणदीप नाभा, राजकुमार वेरका, संगत सिंह गिलजियां, परगट सिंह, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, गुरकीरत कोटली ने शपथ ली। पंजाब सरकार में आज 15 मंत्री शामिल हुए। मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी और दो डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा और ओपी सोनी पहले ही शपथ ले चुके हैं।
हालांकि, इससे पहले अंतिम समय में फैसला हुआ था कि कुलजीत नागरा को मंत्री नहीं बनाया जाएगा। उनकी जगह अमलोह से विधायक काका रणदीप नाभा को मंत्री बना दिया गया। नागरा वर्किंग प्रधान हैं, इसलिए उन्हें संगठन में काम करना होगा।
विरोध के बावजूद मंत्री बने राणा
पंजाब के दोआबा क्षेत्र के नेता और विधायक दागी कहकर राणा गुरजीत का विरोध कर रहे थे। इसके बावजूद उनका नाम नहीं काटा गया। राणा गुरजीत 2017 में कैप्टन सरकार की कैबिनेट में थे। तब उन पर रेत खनन में भूमिका के आरोप लगे थे। फिर राहुल गांधी की मंजूरी के बाद कैप्टन ने राणा का इस्तीफा लिया था। अब वह चन्नी सरकार में फिर मंत्री बन गए हैं।

न्नी मंत्रिमंडल का जो स्वरूप सामने आया है, उसमें 6 विधायक ऐसे हैं, जो पहली बार मंत्री बनेंगे। पंजाब में मुख्यमंत्री बदलने के साथ ही नए सिरे से मंत्रिमंडल का गठन भी किया गया है। मंत्रियों की अंतिम सूची में जिन नामों पर मुहर लगी, उनमें 9 कैप्टन सरकार के समय कैबिनेट में थे, जिनकी अब वापसी हो गई है। हालांकि, कैप्टन के करीबी 6 की छुट्‌टी कर दी गई है। लंबे मंथन के बाद शनिवार को नए CM चरणजीत सिंह चन्नी ने गवर्नर बीएल पुरोहित से मुलाकात की थी और उन्हें आज का समय मिला था
इन मंत्रियों की वापसी
पंजाब मंत्रिमंडल में मनप्रीत बादल, विजयइंद्र सिंगला, रजिया सुल्ताना, ब्रह्म मोहिंदरा, अरुणा चौधरी, भारत भूषण आशु, तृप्त राजिंदर बाजवा और सुख सरकारिया की वापसी हो रही है। इसके अलावा राणा गुरजीत भी पहले कैप्टन की कैबिनेट में रह चुके हैं।

पहली बार मंत्री बनने वालों में यह शामिल
मंत्री पद पाने वालों में राजकुमार वेरका, परगट सिंह, संगत गिलजियां, गुरकीरत कोटली, काका रणदीप नाभा और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग शामिल हैं।

इन 5 मंत्रियों की छुट्‌टी
कैप्टन की कैबिनेट से साधु सिंह धर्मसोत, बलवीर सिद्धू, राणा गुरमीत सोढ़ी, गुरप्रीत कांगड़ और सुंदर शाम अरोड़ा को नई कैबिनेट में जगह नहीं मिली है।

राणा गुरजीत की वापसी को लेकर कांग्रेस पर सवाल
चन्नी कैबिनेट में सबसे चौंकाने वाला नाम कपूरथला से विधायक राणा गुरजीत का है। राणा 2017 में भी कैप्टन अमरिंदर सिंह की कैबिनेट में शामिल थे। करीब 10 महीने बाद उन्हें हटना पड़ा। उन पर रेत खनन में भूमिका के आरोप थे। उस वक्त कैप्टन ने उनका बचाव किया था। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने इस्तीफा देने की बात कही थी। राहुल से मिलने के बाद ही कैप्टन को उनका इस्तीफा मंजूर करना पड़ा।

अब राहुल गांधी की अगुवाई में चले मंथन में राणा की वापसी को लेकर कांग्रेस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आम आदमी पार्टी के विपक्षी दल नेता हरपाल चीमा ने भी राणा गुरजीत को लेकर कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने कहा कि जिस नेता पर भ्रष्टाचार के आरोप थे, उसे कैबिनेट मंत्री बनाकर कांग्रेस क्या संदेश देना चाहती है।
अब सिद्धू और चन्नी पर मुद्दे हल करने का दबाव
बगावत के बाद एंटी कैप्टन खेमा अमरिंदर सिंह को कुर्सी से हटाने में कामयाब रहा। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री पद तक नवजोत सिंह सिद्धू और चरणजीत चन्नी के साथ मंथन किया। अब इन्हें नई टीम दे दी गई है। अब दोनों पर ही आगे मुद्दे हल करने का दबाव रहेगा। अब पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 में करीब 3 महीने का वक्त बचा है। ऐसे में कांग्रेस का CM व मंत्री बदलना सियासी दांव रह जाएगा या फिर पार्टी को कुछ फायदा होगा, यह इन दोनों की परफॉर्मेंस पर निर्भर करेगा।