संसद हंगामा : नहीं बख्शे जायेंगे दोषी सांसद, कमिटी ने की कार्रवाई की सिफारिश

संसद के मानसून सत्र में विपक्षी सांसदों के हंगामे को लेकर गुरुवार को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू और लोकसभा के अध्येक्ष ओम बिरला की गुरुवार को बैठक हुई। उन्हों ने हाल के सत्र के दौरान संसद में घटनाओं के दुर्भाग्यपूर्ण क्रम की समीक्षा की। केंद्र सरकार ने हंगामे के लिए कमेटी बना कर दोषी सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

संसद के मानसून सत्र में विपक्षी सांसदों के हंगामे को लेकर गुरुवार को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू और लोकसभा के अध्‍यक्ष ओम बिरला की गुरुवार को बैठक हुई। उन्‍होंने हाल के सत्र के दौरान संसद में घटनाओं के दुर्भाग्यपूर्ण क्रम की समीक्षा की। उपराष्ट्रपति सचिवालय ने बयान जारी कर कहा कि उन्होंने कुछ सांसदों के विघटनकारी व्यवहार पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने दृढ़ता से महसूस किया कि इस तरह के अनियंत्रित व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। ज्ञात हो कि केंद्र सरकार ने हंगामे के लिए कमेटी बना कर दोषी सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
हंगामे को लेकर राज्‍यसभा की रिपोर्ट
राज्य सभा सचिवालय के सुरक्षा सहायक राकेश नेगी ने जीआर- I, निदेशक (सुरक्षा) को पत्र लिखा है कि सुरक्षा के लिए मार्शल पहले से तैनात थे। किसी बाहरी एजेंसी को नहीं गया था। मार्शलों ने किसी सांसद के साथ बदसलूकी नहीं की। इस दौरान एलमारन करीम ने मुझे सुरक्षा घेरा श्रृंखला से बाहर निकालने के लिए मेरी गर्दन पकड़ ली, जिससे क्षण भर के लिए घुटन और दम घुट गया। 11 अगस्‍त को मुझे राज्‍यसभा चैंबर के अंदर मार्शल की ड्यूटी करने के लिए आदेश दिया गया था। इस दौरान सांसद एलमारन करीम और अनिल देसाई ने मार्शलों द्वारा सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की। उधर, कांग्रेस की महिला सदस्यों छाया वर्मा और फूलो देवी नेताम ने आरोप लगाया है कि पुरुष मार्शलों ने उस वक्त उनके साथ धक्कामुक्की की, जब वे आसन के निकट पहुंचकर सरकार का विरोध जता रही थीं।