तालिबानियों ने अफगानी सेना के 4 कमांडरों को उतारा मौत के घाट, महिला एंकर को हटा अपने समर्थक को बनाया एंकर

तालिबानियों ने अफगानी सेना के 4 कमांडरों को कंधार के एक स्टेडियम में भीड़ के सामने मौत के घाट उतार दिया। सूत्रों के मुताबिक, घटना 15 अगस्त की है। इसी दिन राजधानी काबुल पर अफगानियों ने कब्जा किया था। इन कमांडरों ने 13 अगस्त को तालिबान के सामने आत्मसमर्पण किया था। इनमें से एक कमांडर हाशिम रेगवाल भी हैं।

तालिबानियों ने अफगानी सेना के 4 कमांडरों को कंधार के एक स्टेडियम में भीड़ के सामने मौत के घाट उतार दिया। सूत्रों के मुताबिक, घटना 15 अगस्त की है। इसी दिन राजधानी काबुल पर अफगानियों ने कब्जा किया था। इन कमांडरों ने 13 अगस्त को तालिबान के सामने आत्मसमर्पण किया था। इनमें से एक कमांडर हाशिम रेगवाल भी हैं।
इधर, तालिबान समर्थकों ने कंधार में ही शाह वली कोट के पुलिस प्रमुख पाचा खान को भी मार दिया है। तालिबान समर्थकों का कहना था कि पाचा खान एक खूंखार कमांडर था जो तालिबान लड़ाकों के नाखून निकाल लेता था।
तालिबान ने इन्हें आम माफी की घोषणा करने से पहले मारा है। हालांकि तालिबान से जुड़े सूत्रों ने कंधार स्टेडियम में इस तरह की कोई भी घटना होने से इनकार किया है।

नॉर्दन अलायंस ने तालिबान के खिलाफ जंग छेड़ी
अफगानिस्तान को बचाने के लिए बनाए गए फ्रंट नॉर्दन अलायंस ने तालिबान के खिलाफ जंग छेड़ दी है। तालिबानी हुकूमत के बीच पंजशीर घाटी में नॉर्दन अलायंस का झंडा फहराया गया है। 2001 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है। ऐसी खबरें हैं कि तालिबान से बचने के लिए जो अफगानी सैनिक छिप गए थे वे अब पंजशीर पहुंचे रहे हैं। ये सैनिक दिवंगत अफगानी पॉलिटिशियन अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद की अपील पर पंजशीर में इकट्ठे हो रहे हैं।

भगोड़े राष्ट्रपति अशरफ गनी की हो सकती है गिरफ्तारी
एक बड़े घटनाक्रम में तजाकिस्तान में अफगान दूतावास ने इंटरपोल के जरिए भगोड़े राष्ट्रपति अशरफ गनी, हमदुल्ला मोहिब और फजलुल्लाह महमूद फाजली को गबन के आरोप में हिरासत में लेने का निर्देश दिया है। रूसी मीडिया ने दावा किया था कि 15 अगस्त को काबुल पर तालिबान के कब्जे से पहले गनी ने हेलिकॉप्टर में पैसा भरकर देश छोड़ दिया था। वे अपने साथ चार कारें भी ले गए हैं। हेलिकॉप्टर में जगह की कमी के कारण उन्होंने कुछ बैग रनवे पर ही छोड़ दिया था। ताजकिस्तान में अफगान दूतावास से अशरफ गनी की तस्वीर की जगह उप राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह की तस्वीर लगा दी है। सालेह ने एक दिन पहले ही गनी की अनुपस्थिति में खुद को अफगानिस्तान का राष्ट्रपति घोषित किया था।

खूंखार तालिबानी मुल्ला मोहम्मद रसूल 5 साल बाद पाकिस्तानी जेल से रिहा
इस बीच, पाकिस्तान का तालिबान प्रेम धीरे-धीरे दुनिया के सामने आने लगा है। तालिबान के सक्रिय सदस्य मुल्ला मोहम्मद रसूल को पाकिस्तान सरकार ने 5 साल जेल में रखने के बाद रिहा कर दिया है। रसूल को तालिबान से अलग हो कर एक नया गुट बनाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। बताया जा रहा है कि अब वह तालिबान के पाले में लौट आया है।


जलालाबाद में लोग अफगानिस्तान का झंडा लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। वे मांग कर रहे हैं कि अफगानिस्तान के मौजूदा झंडे को ही राष्ट्रीय ध्वज बनाए रखा जाए। इससे पहले मंगलवार को पाकिस्तान की सीमा से लगे खोस्त प्रांत में भी लोगों ने अफगानी झंडा लेकर प्रदर्शन किया था।

आतंकी अनस हक्कानी की अगुवाई में तालिबान नेताओं ने हामिद करजई से मुलाकात की
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार बनाने की कोशिश में जुटा है। इसी सिलसिले में तालिबानी नेताओं ने बुधवार को अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई से मुलाकात की है। करजई के अलावा मीटिंग में अफगानिस्तान की पूर्व सरकार के शांतिदूत अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह भी मौजूद थे। तालिबान की ओर से आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क के नेता अनस हक्कानी ने इस बैठक की अगुवाई की। वह तालिबान के टॉप-4 नेताओं में माना जाता है।

काबुल पर कब्जा हक्कानी नेटवर्क ने ही किया था। हक्कानी नेटवर्क का बेस पाकिस्तानी सीमा के पास है और अफगानिस्तान में पिछले कुछ सालों में हुए बड़े आतंकी हमलों में इसके शामिल होने के आरोप भी हैं।
तालिबान की तबाही की तस्वीरें आमने आने लगीं
अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होते ही तबाही शुरू हो गई है। तालिबान ने बामियान में हजारा समुदाय के नेता अब्दुल अली मजारी के स्टेच्यू को उड़ा दिया है। ये जानकारी ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट सलीम जावेद ने शेयर की है। बता दें बामियान वही जगह है जहां तालिबान ने 20 साल पहले अपने पिछले शासन में बुद्ध की प्रतिमाओं को बारूद से उड़ा दिया था।


कौन थे अब्दुल अली मजारी
मजारी हजारा समुदाय से थे और हिज्ब-ए-वहदत पार्टी के नेता थे। तालिबान ने 1995 में उनकी हत्या कर दी थी। तालिबान कई सालों से हजारा समुदाय को निशाना बनाता रहा है। अफगानिस्तान की कुल 3.60 करोड़ आबादी में करीब 9% की हिस्सेदारी हजारा समुदाय की है, लेकिन इन अल्पसंख्यकों को संरक्षण मिलने के बजाय वहां इस समुदाय के लोग दहशतगर्दों के निशाने पर रहते हैं। बामियान में ज्यादातर हजारा शिया मुसलमान हैं। इसलिए वे मुस्लिम कट्टरपंथियों के निशाने पर रहते हैं।

तालिबान ने फीमेल एंकर्स को बैन किया, महिला गवर्नर को बंधक बनाया
तालिबान ने अफगानिस्तान में महिला न्यूज एंकर्स को बैन कर दिया है। अफगानिस्तान के सरकारी TV चैनल की एंकर खदीजा अमीन को हटाकर तालिबान ने अपने लोगों से एंकरिंग शुरू करवा दी है। वहीं बल्ख प्रांत की गवर्नर सलीमा मजारी को बंधक बना लिया है। वे तालिबान के खिलाफ हैं और उन्होंने तालिबान से लड़ने के लिए हथियार भी उठाए थे

महिलाओं के अधिकारों को लेकर तालिबान की हकीकत 24 घंटे के अंदर ही सामने आ गई है। तालिबान ने मंगलवार को ही कहा था कि महिलाओं को आजादी दी जाएगी और उनके अधिकारियों की रक्षा की जाएगी। साथ ही महिलाओं से सरकार में शामिल होने की अपील भी की थी।