DMA ने जताया एतराज
सेना की जमीन बेचने की मंशा पर DMA ने जताया एतराज
Ram Vikash Mishra -
250 साल में पहली बाद केंद्र सरकार डिफेंस लैंड पॉलिसी में बड़े बदलाव करने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नरेंद्र मोदी सरकार ने इस पॉलिसी से जुड़े नए नियमों की मंजूरी दे दी है। इसके तहत पब्लिक प्रोजेक्ट के लिए सेना से जो जमीन ली जाएगी उसके बदले उतनी ही वैल्यू के इन्फ्रास्ट्रक्चर ) डेवलपमेंट की इजाजत होगी।
फोन टैपिंग साजिश या प्राइवेसी पर पहरेदारी !
फोन टैपिंग साजिश या प्राइवेसी पर पहरेदारी
Ram Vikash Mishra -
इजराइली कंपनी के पेगासस स्पायवेयर के जरिए फोन टेपिंग की रिपोर्ट पर सोमवार को संसद में जमकर बवाल हुआ। कांग्रेस ने पत्रकारों समेत दूसरी हस्तियों के फोन टेपिंग की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। सरकार ने इसे खारिज करते हुए कहा कि रिपोर्ट में लीक हुए डेटा का जासूसी से कोई लेना-देना नहीं है।
सोमवार से संसद का मानसून सत्र
सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष
Ram Vikash Mishra -
संसद का बहुप्रतीक्षित मानसून सत्र 19 जुलाई से शुरू हो रहा है और 13 अगस्त तक चलेगा। इसमें सरकार का फोकस ज्यादा से ज्यादा करने पर होगा। संसद के इस सत्र में कुल 19 बैठकें होंगी। संसद की कार्यवाही के दौरान कोरोना नियमों का पालन होगा।
वैक्सिन से मौत का खतरा 95% कम
वैक्सिन मतलब मौत को मात
Ram Vikash Mishra -
नीति आयोग के स्वास्थ्य विभाग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने बताया कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान वैक्सीन की पहली डोज से मृत्यु दर में 82% तक कमी आई, वहीं दूसरी डोज से 95% मौतों को रोका जा सका।
चुनाव बाद हिंसा पर घिरी ममता
चुनाव बाद हिंसा पर ममता सरकार बैकफुट पर , CBI की होगी जांच!
Ram Vikash Mishra -
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच कर रहे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कलकत्ता हाईकोर्ट में बेहद गंभीर रिपोर्ट सब्मिट की है। आयोग ने हिंसा को लेकर अदालत से कहा कि बंगाल में कानून का शासन नहीं, बल्कि शासक का कानून चलता है।
राजद्रोह कानून की जरूरत क्या ?
राजद्रोह कानून पर मोदी सरकार से सुप्रीम कोर्ट का सवाल- “बढ़ई के हाथ में कुल्हाड़ी”
Ram Vikash Mishra -
सेडिशन लॉ यानी राजद्रोह कानून को सुप्रीम कोर्ट ने अंग्रेजों के जमाने का कॉलोनियल कानून बताते हुए केंद्र सरकार से सवाल किया है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र से पूछा कि आजादी के 75 साल बाद भी देश में इस कानून की क्या जरूरत है।
तीसरी लहर के बीच अच्छी खबर
मनमानी कीमत पर लगाम, 70% मुनाफे की लिमिट तय
Ram Vikash Mishra -
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच एक अच्छी खबर है। देश की फार्मास्युटिकल प्राइसिंग रेगुलेटर (NPPA) ने पल्स ऑक्सीमीटर, ब्लड प्रेशर मॉनिटर, नेब्युलाइजर्स, डिजिटल थर्मामीटर, ग्लूकोमीटर जैसे जरूरी मेडिकल इक्विपमेंट्स को ट्रेड मार्जिन रेशनलाइजेशन के तहत लाने का फैसला किया है।