कमाई का सुनहला मौका, आज से खुल रहा Zomato का आईपीओ

फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो (Zomato) का 9,375 करोड़ रुपये का बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है और 16 जुलाई को बंद होगा।

फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो (Zomato) का 9,375 करोड़ रुपये का बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है और 16 जुलाई को बंद होगा। इसके लिए प्राइस बैंड 72-76 रुपये तय किया गया है। यह मार्च 2020 में आए SBI Cards and Payment Services के 10,341 रुपये के आईपीओ के बाद से सबसे बड़ा इश्यू है। इस आईपीओ को देश में पब्लिक होने की योजना बना रही स्टार्टअप कंपनियों के लिटमस टेस्ट माना जा रहा है। यही वजह है कि जोमैटो के आईपीओ को लेकर निवेशकों में गजब का उत्साह है।


स आईपीओ में 9,000 करोड़ रुपये के ताजा शेयर जारी किए जाएंगे जबकि इन्फो एज 375 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री करेगी। रीटेल निवेशकों के लिए इश्यू में 10 फीसदी हिस्सा यानी 933 करोड़ रुपये का हिस्सा रिजर्व है। रीटेल इनवेस्टर्स 195 शेयर और इसके मल्टीपल में शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। रीटेल इनवेस्टर्स अधिकतम 13 लॉट के लिए बोली लगा सकते हैं। यानी आप इसमें अधिकतम 1.94 लाख रुपये निवेश कर सकते हैं। इस आईपीओ की सबसे खास बात यह है कि इसमें 65 लाख शेयर कर्मचारियों के लिए रिजर्व हैं। QIB को सबसे ज्यादा 75 पर्सेंट मिलेगा।
 कंपनी का रिपोर्ट कार्ड
वित्त वर्ष 2020 में जोमैटो  की आमदनी, पिछले वित्त वर्ष की तुलना में, दोगुनी उछलकर 2,960 करोड़ रुपये रही, जबकि EBITDA लॉस 2,200 करोड़ रुपये का रहा। फरवरी में कंपनी ने टाइगर ग्लोबल, कोरा और अन्य फर्मों से करीब 1,800 करोड़ रुपये का फंड जुटाया था। इस तरह कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 40 हजार करोड़ रुपये हो गया। इस आईपीओ में कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली इंडिया, क्रेडिट सुईस सिक्योरिटीज इस इश्यू के ग्लोबल को-ऑर्डिनेटर और लीड मैनेजर हैं। BofA सिक्योरिटीज और सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट मर्चेंट बैंकर हैं।

क्या करती है कंपनी

Zomato की शुरुआत 2008 में हुई थी। कंपनी ऑनलाइन फूड डिलिवरी और रेस्टोरेंट एग्रीगेटर है। रेस्त्रां से खाना ग्राहकों तक पहुंचाना इसका काम है। ऐप और वेबसाइट के जरिए ऑपरेट होने वाली इस कंपनी के साथ लाखों फूड डिलीवरी ब्वॉय भी जुड़े हैं, जो ग्राहकों तक सामान पहुंचाते हैं। रेस्त्रां का रिव्यू भी कंपनी ही अपने ऐप पर देती है। साथ ही उनके लिए मार्केटिंग भी करती है। जोमैटो के मुताबिक इस आईपीओ से मिली राशि का इस्तेमाल कारोबार को बढ़ाने तथा अधिग्रहण के लिए किया जाएगा। पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन खाना आपूर्ति खंड में तेज वृद्धि देखी गई है, जिसमें जोमैटो और स्विगी मुख्य प्रतिस्पर्धी हैं।

एनालिस्ट्स के मुताबिक जोमैटो को कोविड-19 से जुड़ी पाबंदियों का बहुत फायदा हुआ है। आने वाली तिमाहियों में कंपनी का रेवेन्यू बढ़ने की उम्मीद है। जोमैटो उन आईपीओ में शामिल है जिनका निवेशकों को बेसब्री से इंतजार है। यह आईपीओ उन घरेलू स्टार्टअप के लिए लिटमस टेस्ट होगा जो आईपीओ लाने की सोच रही हैं। यह देश की सबसे बड़ी स्टार्टअप कंपनियों में से एक है जिसमें Tiger Global Management और Fidelity जैसी जानी मानी प्राइवेट इक्विटी फर्मों का निवेश है।
 

एलआईसी भी निवेश की तैयारी में

देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) भी इसमें बोली लगाने की तैयारी में है। संभवतः यह पहला मौका होगा जब एलआईसी किसी गैर-सरकारी कंपनी के इश्यू में हिस्सा लेगी। एलआईसी देश की सबसे बड़ी संस्थागत निवेशकों में से एक है और शेयर मार्केट (Share Market) में ही पैसा लगाती है। जोमैटो का वैल्यूएशन जनवरी में 5.4 अरब डॉलर था जो जून में 8 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गया। कोरोना काल में लोग बाहर निकलने से डर रहे हैं जिसके कारण ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की लोकप्रियता बढ़ी है।

 


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