9 और 14 साल के ये भारतीय बहन-भाई अमेरिका में कमाते हैं लाखों रुपये, जानिए क्या है इनका बिजनेस

Crypto Mining: अमेरिका में रहने वाले दो भारतीय बच्चों ने क्रिप्टो करेंसी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है. क्रिप्टो करेंसी की माइनिंग से वे करीब 27 लाख रुपये महीने कमा रहे हैं. इसके लिए उन्होंने अपनी कंपनी भी खोल ली है.

नई दिल्ली. क्रिप्टो करेंसी का इन दिनों काफी ज्यादा प्रचलन है. क्रिप्टो करेंसी को माइन करना काफी मुश्किल काम है. लेकिन अमेरिका में रहने वाले दो भारतीय बच्चों ने इस भ्रम को तोड़ कर एक नई पहचान कायम की है. 14 साल के ईशान ठक्कर और उनकी 9 साल की बहन अनन्या ठक्कर ने क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से लाखों रुपये कमाए हैं.

छुट्टियों के दौरान शुरू की क्रिप्टो माइनिंग

जानकारी के मुताबिक अमेरिका के टेक्सास में रहने वाले ईशान हाईस्कूल में पढ़ते हैं और यूपीएन में मेडिसिन की पढ़ाई करना चाहते हैं, जबकि उनकी बहन अनन्या अभी चौथी क्लास में ही हैं जो न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई करना चाहती हैं. छुट्टियों के दौरान जब बच्चे खेलने में समय बिताते हैं वहीं इन दोनों ने बिटकॉइन और एथेरियम जैसी क्रिप्टो करेंसी की माइनिंग करना शुरू किया.

youtube से सीखी माइनिंग

ईशान ने अपने एलियनवेयर कंप्यूटर को ग्राफिक कार्ड के इस्तेमाल से ईथर माइनिंग रिग में बदल लिया ताकि क्रिप्टो करेंसी की हाई-फाई साइट्स चलाने में उन्हें कोई दिक्कत न हो. ईशान बताते हैं कि क्रिप्टो करेंसी से जुड़ी जानकारी उन्होंने Youtube और इंटरनेट से सीखी.

खोल ली अपनी कंपनी

ईशान और अनन्या ने क्रिप्टो करेंसी में ट्रेंडिंग करना अप्रैल 2021 में शुरू किया. शुरुआत में पहली बार उन्होंने 3 डॉलर यानी करीब 225 रुपये प्रतिमाह कमाए. दोनों भाई-बहन इस बिजनेस में लगे रहे और पहले महीने की आखिर तक उन दोनों ने करीब 1000 डॉलर कमा लिए. ईशान और अनन्या ने अप्रैल 2021 में अपनी कंपनी फ्लिफर टेक्नॉलोजीज (Flifer Technologies) को शुरू किया. इसके बाद दोनों भाई-बहनों ने अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए और मेहनत की.

इतना कमा रहे हैं दोनों भाई-बहन

 

सितंबर में जारी हुए आंकड़ों के अनुसार, दोनों के पास अभी 97 से अधिक प्रोसेसर हैं, जो उन्हें हर सेकंड 10 मिलियन से अधिक एल्गोरिदम बनाने में मदद करते हैं. क्रिप्टो करेंसी माइनिंगके बिजनेस से उनकी आय 27 लाख रुपये (36,000 डॉलर) महीने से अधिक होने का अनुमान है. ईशान और अनन्या उम्मीद कर रहे हैं कि इस कमाई से उन्हें अपनी पढ़ाई में खर्च होने वाली फीस को जमा करने में मदद मिलेगी.
 

सोने या हीरे जैसी है क्रिप्टो माइनिंग 

अमेरिका के एक टीवी चैनल से बात करते हुए ईशान कहते हैं कि क्रिप्टो माइनिंग सोने या हीरे के खनन की तरह ही होती है. इसमें फावड़े का उपयोग करने के बजाय आप कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं. इस माइनिंग में खदान में सोने या हीरे का एक टुकड़ा खोजने के बजाय, आप एक क्रिप्टोकरेंसी ढूंढते हैं.

क्या होती है क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग 

बता दें, हाई पावर वाले कंप्यूटरों का उपयोग करके क्रिप्टोग्राफिक इक्वेशंस को हल करके क्रिप्टोकरेंसी प्राप्त करने की प्रक्रिया को क्रिप्टो माइनिंग कहा जाता है. यानी इन माइनर्स को क्रिप्टोकरेंसी के रूप में पेमेंट मिलती है. इस सॉल्यूशन प्रोसेस में डेटा ब्लॉक्स की पुष्टि करना और एक पब्लिक रिकॉर्ड (लेजर) में लेनदेन रिकॉर्ड जोड़ना शामिल है जिसे ब्लॉकचेन कहा जाता है. इनमें जटिल एन्क्रिप्शन टेक्नोलॉजी से सुरक्षित किया जाता है.