पेट्रोल और डीजल कम देने पर पेट्रोलियम मंत्रालय सख्त, रद्द हो सकता है पेट्रोल पंप का लाइसेंस

सरकार के नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम कानून 2019 (Consumer Protection Act 2019) के मुताबिक अब मिलावटी या नकली उत्पादों के विनिर्माण या बिक्री के लिए सख्त कड़े नियम तय किए गए हैं. पेट्रोल पंप संचालकों (Petrol Pump Operators) पर भी यह नियम अब कड़ाई से लागू करने का आदेश दिया गया है.

देश में पेट्रोल (Petrol) और डीजल (Diesel) की कीमतों में आग लगी हुई है और पेट्रोल पंप (Petrol Pumps) संचालकों से आम जनता बेहाल है.  राजधानी दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर के  पार और डीजल 89 रुपये पार चल रही है. इधर पंप संचालकों के द्वारा अधिक वसूली करना या कम पेट्रोल बेचने के मामले भी बढ़ गए हैं. लागातार शिकायतें आने के बाद अब पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इसको लेकर तेल कंपनियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं. पंप संचालकों द्वारा कम पेट्रोल और डीजल बेचना या मिलावट कर बेचना अब उनके लिए घाटे का भी सौदा हो सकता है. ग्राहक अगर इसकी शिकायत उपभोक्ता फोरम में करता है तो पेट्रोल पंप का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द हो सकता है.

पेट्रोल पंप का लाइसेंस अब हमेशा के लिए भी हो सकता रद्द

 पेट्रोल पंप संचालकों की मनमानी की शिकायत अब अगर ग्राहक करते हैं को तुरंत ही सख्त एक्शन लेगी जिला आपूर्ति विभाग. पहले जिला आपूर्ति विभाग शिकायत पर पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर कुछ दिनों तक ही प्रतिबंध लगाती थी और मामूली जुर्माना लगाती थी, लेकिन अब देश में नए उपभोक्ता कानून (Consumer Protection Act 2019) के लागू हो जाने के बाद और पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी रोकने के लिए पंप संचालक पर तुरंत ही बड़ी कार्रवाई भी संभव है वह भी भारी जुर्माने के साथ. इस कानून को सख्ती से अमल कराने की कवायद अब और तेज हो गई है.

इस तरह रद्द हो सकता है पेट्रोलपंप का लाइसेंस!

पेट्रोल पंप पर मशीनों में चिप लगाकर पेट्रोल और डीजल की घटतौली के मामले को देखते हुए ही मोदी सरकार ने पिछले साल ही सख्त कदम उठाए थे. देश के पेट्रोल पंपों पर अब चिप लगाकर तेल चोरी (Oil Theft) करना संचालकों पर भारी पड़ने वाला है. पिछले साल 20 जुलाई को नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 लागू हो जाने के बाद अब पेट्रोल पंप संचालकों पर नकेल कसना शुरू हो गया है.