हाल-ए-पाईबिगहा पंचायत : इस बार युवा उम्मीदवार, धर्मेंद्र पर सबको विश्वास

‘द न्यूज व्यूज” की टीम बेलागंज प्रखंड में आने वाले पाईबिगहा पंचायत का हाल चाल जानने के लिए पाईबिगहा पहुंची । यहां की सीट पहले से ही आरक्षित है. लिहाजा, सामान्य जाति के वोटरों ने भी विकास को धरातल पर लाने वाले उम्मीदवार को अपना वोट देने की बात कही है.यूं तो मतदाताओं ने खुलकर किसी का नाम नहीं लिया इशारों इशारों में संकेत भी दिया की धर्मेंद्र उर्फ धरम भइया को मुखिया बनाया जाएगा । तो आइए जानते हैं धर्मेंद्र का पल्ला दूसरे कैडिडेट की तुलना में क्यों भारी है.

बिहार पंचायत चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई है. उन पंचायतों में सियासी हलचल जोरों पर  है, जहां पहले चरण के तहत  24 सितंबर को मतदान होना है. गया जिले के बेलगांज प्रखंड और खिजरसराय प्रखंड में पहले चरण  में वोटिंग किया जाएगा. इसे लेकर द न्यूज व्यूज की टीम  बेलागंज प्रखंड  में आने वाले  पाईबिगहा पंचायत का हाल चाल जानने के लिए पाईबिगहा पहुंची । टीम  के मुताबिक पहली बार यहां चुनावी फिंजा पूरी तरह से बदली हुई थी । यहां के लोगों से हुई बातचीत के मुताबिक इस बार लोग युवा, ईमानदार और कर्मठ उम्मीदवा को अपना मुखिया बनाने की तैयारी में है. यहां की सीट पहले से ही आरक्षित है. लिहाजा, सामान्य जाति के वोटरों ने भी विकास को धरातल पर लाने वाले उम्मीदवार को अपना वोट देने की बात कही है.यूं तो मतदाताओं ने खुलकर किसी का नाम नहीं लिया इशारों इशारों में संकेत भी दिया की धर्मेंद्र उर्फ धरम भइया को मुखिया बनाया जाएगा । तो आइए जानते हैं धर्मेंद्र का पल्ला दूसरे कैडिडेट की तुलना में क्यों भारी है.

धर्मेंद्र की मुखिया बनाने वाली बातें
                  धर्मेंद्र युवा और जोशिले हैं, जो काम को एक पैशन समझते हैं. दिखावा नहीं । यहां के लोगों के मुताबिक धर्मेंद्र बिना किसी पद पर रहते हुए भी सभी तबके के लोगों की मदद के लिए हर वक्त तैयार रहते हैं. जो कोई भी इनके दरवाजे पर पहुंचता है. उन्हें खाली हाथ नहीं लौटाते । हरसंभव उसकी मदद करते हैं.
धर्मेंद्र  का मिलनसार होना उन्हें दूसरे कैंडिडेट की तुलना में आगे रखता है. पाईबिगहा पंचायत में कई उम्मीदवार ऐसे हैं जो गरीब लोगो से मिलने में झीझक दिखाते हैं. लेकिन धर्मेंद्र बिना चुनावी माहौल के भी सभी लोगों से मिलते रहे हैं. जो इनके लिए इस चुनाव में प्लस प्वाइंट का काम कर रहा है.
    धर्मेंद्र यूं तो पासवान है. लेकिन, इनके पास जातिगत द्वेष नहीं है.ये जातिगत भावना से ऊपर उठकर सभी समुदाय भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत, बनिया. चमार, भूइयां, मुस्लिम सभी लोगों से मिलते रहे हैं. सभी को उचित सम्मान भी देते रहे हैं. जिस वजह से इनके पक्ष में पासवान जाति के वोटों के अलावा भी दूसरी जातियों का वोट भी बड़े पैमाने पर मिलने वाला है.
धर्मेंद्र लगातार प्रचार भी कर रहे हैं. कई कैंडिडेट जहां अब भी अपनी जाति और कुछ एक इलाकों में  ही प्रचार कर रहे हैं. वहीं ये दिन रात प्रचार में जुटे हैं. हर घर पर दस्तक दे रहे हैं. इनकी समस्या सुन रहे हैं. और, अपने स्तर से समाधान भी कर रहे हैं.
फ्यूचर विजन भी धर्मेद्र को दूसरे कैडिडेट से अलग बना रहा है. ये केवल गली सड़क की बात नहीं कर रहे हैं. बल्कि नौनिहालों के लेकर भी प्लान बना रहे हैं. बता रहे हैं कि गांव की सरकार कैसे गांव का कायाकल्प करेगी. इन बातों से धर्मेद्र का इस बार मुखिया बनना तय है.
पंचायत चुनाव में कौन कैंडिडेट क्या कर रहा है. कहां प्रचार कर रहा है. कैसा रिस्पॉंस मिल रहा है.इसके लिए हमारी टीम हर पंचायत में मौजूद है. जो आपको हर खबर से आपको वाकिफ कराएगी .